मा का फूल

एक फूल मगाया था मा ने,
बोला बेता तुम लेआना ,
आखिर तुम भी मेरे फूल हि हो ,
मेरे फूल,फूल को ले आना !
एक फूल मगाया …… तुम ले आना !!
वो फूल जो मन मे आया है ,
आकर के दिल को भाया है ,
ऊसमे एक अच्ही खशबू है ,
उसको मेरे बाग मे लेआना !
ऍक फूल मगाया ……. तुम ले आना !!

उसके पत्ते है खिले हुये ,
खुशबू के सन्ग मिले हुये ,
उसके पत्ते जो गाते है,
उसको तुम मुज्हे सुना जाना !
ऍक फूल मगाया .खा…… ळे आना. !!

आखे है उसकी मतवाली ,
बाते करता भोली भाली ,
उसमे जो नादानी है ,
उसको तुम मुह्जे दिखा जाना !
ऍक फूल मगाया ………. ळे आना !!

(Anuj Tiwari)

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