मेरी तनहाइयाँ

मेरी तनहाइयां मुझसे
कितनी मुहब्बत करती हैं
जब इनके आगोश में होता हूँ
धन्य हो जाता हूँ
क्योंकि ये तनहाइयां
बेशुमार ख्यालों की मौज लेकर
मेरे जहन मे
मेरे साँस मे
मेरे दिल में
मेरी धडकन में
दस्तक देती हैं
दस्तक के साथ कुछ ले भी आती हैं
कोइ प्यारा सा तोहफा
अनमोल सा तोहफा
काव्यधारा का
जिसे मुझे अर्पित कर देती हैं

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