सावन

सावन सुनते ही,
वो बारिश की बूंदें,
मिट्टी की सुगंध,
बादलों का गरजना,
बिजली का चमकना
वो डर जाना इन
आवाज़ों से,
रसोई से आती,
पकौड़े की खुशबू
हाथ में चाय की,
गरम प्याली,
याद आ जाती है,
सावन सुनते ही |

बी.शिवानी

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