कहीँ हो न जाये तू जुदा…..!

हाँ दिल पे तू वशी है,
होठों पे हसी है,
क्या तू तडफाएगी सदा !

आँखों मे तेरा चहरा ,
पलकें देती पहरा,
कहीँ हो न जाये तू जुदा !!!

(Anuj Tiwari)