ज़िन्दगी

ज़िन्दगी एक कशमकश है,
झूझती हर वक़्त है,
सवाल रहते है मन में कई,
ढूढती जवाब हर वक़्त है,
एक लड़ाई अपने साथ,
एक लड़ाई अपनों के साथ,
जीत नहीं पाते हम,
फिर भी ये
कशमकश हर वक़्त है,

सवालों का मेला रहता है,
ज़िन्दगी का झमेला रहता है,
सोचते है कि
छोड़ दे ये ज़िन्दगी,
फिर भी,
कशमकश का रैला रहता है |

बी.शिवानी

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