मदारी

मेरे गाँव में अक्सर ही
एक मदारी आता था
होंठो पर बंसी लेकर
धुन फिजा में बिखराता
हाथों में डमरू रखता
जिसको डमडम खूब बजाता
हर घर के बच्चों को
शोर मचा के बुलाता था
साथ में एक गठरिया रखता
जिसमें जादू की छड़ियाँ होती
मिट्टी लेकर हाथ में छड़ी घुमाता
तब मिट्टी रूपइया बन जाता
एक बंदर एक बंदरिया भी होती
जिसको डमरू पर खूब नचाता
साथ में एक पिटारा होता
जिसमें एक नाग छिपाया होता
जादूगर उसको हाथ में लेकर
निर्भयता से दिखलाता था
फिर उसका नाच दिखाता
और गले में लटकाता था।

Leave a Reply