आये ऐसा देश बनाये

आये ऐसा देश बनाये, एक नया चेतना जगाये.
कदम से कदम मिलाये, समानता का भाव जगाये.
देशवाशी अपना फर्ज निभाये, देश को उन्नत बनाये.
देश को हम स्वच्छ बनाये, गांधी जी का संकल्प निभाये.

विकास का माहोल बनाये, मेक इन इंडिया को अपनाये.
मोदी जी का स्वप्न सजाये, गरीबी को हम दुर भगाये.
शिक्षा का हम पर्व मनाये, इंडिया को कुशल बनाये.
तकनीकी को हमसब अपनाये, जीवंस्तर उंचा उठाये.

देश को अपना घर और देशवाशियो को अपना परिवार बनाये.
अनेकता मे एकता को अपना मूलमंत्र और शान्ती को उद्देश्य बनाये.
भाई ये झगडा कैसा हम ना उनको आजमायें, ना वो हमको आजमायें.
फासले मिट जायेंगे यकीनन हिन्दू और मुस्लिम अगर साथ आ जाये.

सेवा को अपना धर्म और इंसानियत को अपना मजहब बनाये.
तररकी छुपी हैं इसी मैं हम सबकी फिर क्यूँ ना इसको अपनाये.

रचनाकार – नन्दकिशोर महतो

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