त्रासदी

न करना मेरे मालिक ,
अब और मत करना ,
देखा नहीं जाता
सिसकियों का
खंडहरों में
दब के रह जाना,
चहकते बसेरों का
पल में
जमीदोंज हो जाना,
न करना
अब और मत करना….. ,