अहसास

ज़िन्दगी के सफ़र में
वक़्त की पगडंडियों पर
कभी कोई मिला
कभी कोई बिछड़ा
मगर ……
कुछ मुलाकातें
खुशबू की तरह समां गयी हैं
अंतर्मन की गहराइयों में
इसलिए बिछड़कर भी
ताउम्र ..बना रहेगा
अहसास
उनके होने का

3 Comments

  1. gyanipandit 27/04/2015
    • Rachana sharma Rachana sharma 28/04/2015
  2. आमिताभ 'आलेख' आमिताभ 01/05/2015

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