तेरी लीला है निराली ओ मेरे मुरली वाले

तेरी लीला है निराली ओ मेरे मुरली वाले…..

हम करते है तेरी जय-जयकार ओ बाँके-बिहारी,
तू ही है सबका पालनहारी ओ कृष्ण-मुरारी|
तूने तो कितनों की बिखरती हुई ज़िन्दगी है सवांरी,
सदा दया की दृष्टि बनाये रखना है यही अर्ज़ी हमारी ||

तेरी लीला है निराली ओ मेरे मुरली वाले,
मीरा-गोपियाँ से लेकर तेरा ही गुणगान गाये सारे ग्वाले|

बालरूप में तूने छुपछुप क़र माखन चुराया ,
खुद भी खाया और अपने बालमित्रों को भी खिलाया |
फिर कृष्णरूप में गोपियों के संग रास रचाया ,
अपने मधुर मुरली के धून से सबको दीवाना बनाया|

तेरी लीला है निराली ओ मेरे मुरली वाले,
मीरा-गोपियाँ से लेकर तेरा ही गुणगान गाये सारे ग्वाले|

सत्य पर विजय पाने के लिए गीता का उपदेश दिया ,
अर्जुन का सारथी बनकर पांडवों को सही मार्गदर्शन कराया|
बिना कोई रिश्ता रखे राधा संग अटूट प्रेम का पाठ पढ़ाया,
राम रूप धारण क़र तूने संसार को रावण से मुक्त कराया ||

तेरी लीला है निराली ओ मेरे मुरली वाले,
मीरा-गोपियाँ से लेकर तेरा ही गुणगान गाये सारे ग्वाले|

जब भी आती हमपर मुसीबत तू अवतार लेकर है आता ,
पल भर में अपने भक्तों को परेशानी से मुक्ति दिलाता |
वृन्दावन, द्वारका ,गोकुल और वैकुण्ठ में निवास करता,
और हमेशा तू अपने भक्तों का विश्वास है बढ़ाता||

तेरी लीला है निराली ओ मेरे मुरली वाले,
मीरा-गोपियाँ से लेकर तेरा ही गुणगान गाये सारे ग्वाले|

(अंकिता आशू )

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