तीन हाइकु

ब्यस्त जीवन
नहाते है कर्मों से
ख़ुशी-खुसी से |१|

सब देखते
संभालते वक्तपे
नहीं रूकते |२|

मकसद है
कैसे मुख फेरते
भविष्य पर |३|
०४/२०/२०१५

Leave a Reply