तुम

ख्यालों में तुमको ही पाया है मैंने
तुम्हे अपने दिल में बसाया है मैंने

तुम्ही से मेरे दिन तुम्ही मेरी रातें
ख़ामोशी मेरी तुम तुम्ही मेरी बातें

तुम्ही मेरी मंजिल तुम्ही मेरी राहें
तुम्ही मेरी तड़पन तुम्ही मेरी आहें

ईर्ष्या भी तुम हो तुम्ही मेरी चाहत
बेचैनी मेरी तुम तुम्ही मेरी राहत

शरारत भी तुम हो शराफत भी तुम हो
हिमाक़त भी तुम हो नज़ाक़त भी तुम हो

ये धीरे से दिल का मचलना भी तुम हो
ये साँसों का रुक रुक के चलना भी तुम हो

वो ठोकर से राहों में गिरना भी तुम हो
वो गिर गिर के मेरा संभालना भी तुम हो

मेरा गीत हो तुम तुम्ही मेरी आवाज़
मेरी धुन भी तुम हो तुम्ही हो मेरा साज़

मेरा आइना तुम तुम्ही हो मेरा राज़
मेरा कल भी तुम हो तुम्ही हो मेरा आज

आशा तुम्ही हो निराशा तुम्ही हो
मेरा वेष हो तुम और भाषा तुम्ही हो

तुम्हें क्या बताऊं की तुम मेरे क्या हो
बस इतना ही कहना है तुमसे मुझे के
जीवन की एकमात्र अभिलाषा तुम्ही हो

तुम्हीं-तुम की बातों से बहार निकलकर
हकीकत में तुमको न पाया है मैंने

कभी पूछता हूँ तो कहता है दिल ये
के ख्वाबों में तुमको बनाया है मैंने

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