सितारे सुना गए मुझको…

सितारे सुना गए मुझको कल रात कई किस्से,
हर एक किस्से ने किये मेरे दिल के कई हिस्से।

जुटाता है रोटियां वो अपने बच्चों की खातिर,
मगर हर रात काम पड़ते हैं वो रोटी के कई हिस्से।

फिकरे कसते हैं मुझपर आज कुँए के ये मेढक,
उनको क्या बताऊँ घूमा हूँ मैं दुनिया के कई हिस्से।

बूढ़े बाप पर दावा किया बेटों ने मिलजुल कर,
जो एक इज़्ज़त कमाई थी किये उसके कई हिस्से।

माँ बाप भाई बहन बेटा बेटी और तुम,
मैं एक हूँ ‘आलेख’ हैं रिश्तों के कई हिस्से।

— अमिताभ ‘आलेख’

2 Comments

  1. kavita 08/04/2015
    • आमिताभ 'आलेख' आमिताभ 08/04/2015

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