सैकड़ो बेईमान है फिर भी हमारा भारत महान है,

सैकड़ो बेईमान है
फिर भी हमारा भारत महान है,
बिक पाती नहीं फूलो से भरी टोकरियाँ
पर चंद पैसो पे बिक जाता इंसान है
फिर भी गर्व से कहते है हम
की हमारा भारत महान है
चंद पैसो में बिक जाती है कुर्सी
दाम सही न मिले तो कहते है
प्रमाण पत्र है फर्जी,
अस्पताल में बिकती है डॉक्टरी तो,
कोई वकील बिक जाता है कोर्ट में
डरता नहीं है संविधान से वो
क्यूंकि पीछे उसके नेता जी है सपोर्ट में
बिकता यहाँ सभी का ईमान है
फिर भी खुद पे हमें अभिमान है
सैकड़ो बेईमान है……..
बिक जाती है वर्दी यहाँ
कानून का रखवाला है जहा
बिक जाती है खादी वहा
संविधान सुरु होता है जहा
इन्साफ के भरे दरबार में
एक जज बेच देता है अपनी कुर्सी यहाँ
ना रही मान मर्यादा यहाँ
ना अब जिन्दा ईमान है,
सैकड़ो बेईमान है…..

2 Comments

  1. vaibhavk dubey वैभव दुबे 21/03/2015
    • omendra.shukla omendra.shukla 23/03/2015

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