मेरे ख्वाबो में

मेरे ख्वाबो में रोज़ आता है कोई
सपनो की दुनिया सजाता है कोई

जिसे देख कर के झुक जाती है आँखें
नयनो के पास हमेशा पर आता है कोई

मेरे ख्वाबो में रोज़ आता है कोई

आगे पीछे घूम कर परेशान करता है
दिल को फिर भी इतना क्यों लुभाता है कोई

मेरे ख्वाबो में रोज़ आता है कोई..

मेरे दिल को हर बात जनता है वो
फिर भी पूछ पूछ कर सताता है कोई

मेरे ख्वाबो में रोज़ आता है कोई..

ख्वाब जब भी मेरा टूट जाता है
दिल में फिर भी बस जाता है कोई

मेरे ख्वाबो में रोज़ आता है कोई..

जब भी मै डर कर इंकार करती हुँ
प्रेम की परिभाषा सिखाता है कोई

मेरे ख्वाबो में रोज़ आता है कोई
सपनो की दुनिया सजाता है कोई..

2 Comments

  1. vaibhavk dubey वैभव दुबे 21/03/2015
  2. Archana Archana 21/03/2015

Leave a Reply