”ये प्यार भी एक अजीब खेल है”

”ये प्यार भी एक अजीब खेल है
बिना इसके जीवन में न कोई मेल है
लोग कहते है मिल जाये प्यार जिसे
उसका किस्मत बड़ा है,
और कितने प्यार हासिल करके
भी अपनी किस्मत से लड़ा है,
मिल जाये एक वक़्त जो साथ तो
किस्मत ही बदली लगती है
और मिलने के बाद
मुसीबत बड़ी लगती है,
कैसे समझाउ इस दिल को
बेहलाउ कैसे अब खुद को
बिन उनके दिल नहीं लगता है
पागल हर कोई इस दिल को कहता है,
मायूस हु अपनी मोहब्बत से
पर नाराज नहीं खुदा की हरकत से
टुटा दिल लेके बैठा हु,
करता हु मुराद खुदा से
बनाना मोहब्बत तो ख़ुशी के लिए
वरना उकसाना मत हमें ख़ुदकुशी के लिए ”

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