सपने

सपने देखना इतना आसान नहीं होता,
इसके लिए नींद को नाराज करना पड़ता है ,
जिनकी नींद गहरी होती है यह उन्हें नहीं आते ,
यह तो कच्ची नींद वालो के नसीब का सामान होता।

हर सपना तुमको जीत हासिल करवा दे यह जरूरी नहीं,
तन्हाई और रुस्वाई वाले सपनो पर क्या तुम्हारा अधिकार नहीं होता है ।

कल जब खुली आँखो से सपना देख रही थी,
तो किसी ने टोका और कहा,
उठो और काम पर लगो
दिन मे सपने देखना वक़्त बरबाद करना होता है।

अब क्या समझाऊ इन दुनिया वालो को ,
की अपना जीवन इन खुली आखो वाले सपनो मे आबाद होता है।

जिनकी नींद गहरी होती है यह उन्हें नहीं आते ,
यह तो कच्ची नींद वालो की नसीब का सामान होता।

4 Comments

  1. निशान्त पन्त "निशु" निशान्त पन्त "निशु" 15/03/2015
    • manisha sri 15/03/2015
  2. rakesh kumar rakesh kumar 23/03/2015
    • manisha sri 23/03/2015

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