पत्थर

पत्थर बन गया हूँ मैं
जितना ठुकराओगे उतना आगे जाऊँगा मैं .
पर मालिक ज़रा कदम संभाल के
वरना घाव दे जाऊँगा मैं.

उस घाव का एहसास अभी न होगा
कुछ समय बाद याद आऊंगा मैं.
मेरी और सड़क की दोस्ती पुरानी है.
कहीं भी रहू वापस यहीं आऊंगा मैं.

पत्थर बन गया हूँ मैं
जितना ठुकराओगे उतना आगे जाऊँगा मैं

दानिश मिर्ज़ा

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