मेरी चाहत

बस इतनी सी चाहत है मेरी
कुछ मेरा हाल सुनाने की
कुछ तेरी सुनने की
तेरी बातो मे ही खोए रहने की
बस इतनी सी चाहत है मेरी।।।

काश ये लमहा यहीं ठहर जाए
मेरे दिल में उठा तूफान थम जाए
तेरी ऑखों में ही डूबे रहने की
बस इतनी सी चाहत है मेरी।।।

वैसे तो मैं तुझसे कभी मिला नहीं
पर लगता हे सालों से जानता हूं तुझे
कुछ बातें भी तेरी बुरी लगी है मुझे
फिर अगले ही पल तुझ पर पयार आया है
ना जाने कैसा खुमार छाया है
तुझसे ऐसे ही जुङे रहने की
बस इतनी सी चाहत है मेरी।।।

जब भी तुझसे बातें करता हूं
सब कुछ भूल जाता हूं
बस इनहीं लमहों में
जी भरके जीना चाहता हूं
तुझे सोचकर खुद को भूलने की
बस इतनी सी चाहत है मेरी।।।

तुझे सिफॆ चाहने के अलावा
कुछ ओर नी चाहा मैंने तुझसे
बस एक बार बोल दे कि हाँ
कुछ तो अहमियत रखता हूँ
मैं भी तेरी जिंदगी में
तेरे हर ददॆ को अपनाने की
बस इतनी सी चाहत है मेरी।।।

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