सपने

सपनो कि दुनिया
है अज़िब जहाँ मन के ख्वाब पुरे होते हैं
बिन कहे , बिन करे
कुछ मैं भी पाना चाहता हूँ
बस थोड़ा सा प्यार
थोड़ी खुसी
और थोड़ा
गम भी पाना चाहता हूँ
पुरानी यादें भी पाना चाहता हूँ
कुछ मैं भी पाना चाहता हूँ

One Response

  1. manojin1 17/02/2015

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