तेरा खुदा मेरा भगवान

तुम को क्या समझाऊँ ,
तुम को कैसे बताऊँ .
तुम नहीें जानते —
जिस घर में आग लगाते हो ,
वो घर तुम्हारा भी तो हैं .
जिस कुएं में जहर डालते हो ,
उसका पानी तुमने भी तो पीया है .
जिस धरती पर तुमने चलना सीखा ,
उसमे हैं क्यों बारूद बिछाते हो .
जिस माँ का तुमने दूध पीया ,
उसी को क्यों रुलाते हो .
क्या हुआ जो ,
तेरे मेरे बीच में ,
मजहबी लकीर खींच गयी .
क्या हुआ जो ,
हमारे घर में अब ,
दो दरवाजे बन गए .
तेरी मस्जिद में ,
मैंने भी तो सिर झुकाया है .
मेरे मंदिर की घंटियां ,
तुमने भी तो बजायी है .
जिस उंगलिओं ने मुझे थामा,
उसी ने तो तुम्हे चलना सिखाया है .
तुम क्यों नहीं समझते ,
तेरा खुदा ही तो ,
मेरा भगवान है . _______________________________________अभिषेक राजहंस

2 Comments

  1. Dushyant patel 05/05/2015
  2. Ladli kumari 05/07/2015

Leave a Reply