गज़ल: तु मुझे सार कर दे

मै; तुझे वार करता हूँ, तु; मुझे वार कर दे
तेरे होने; की निशानी, तु; मुझे मार कर दे
मै नहीं; जलता अगर तो, बुझ गयी होती फ़िजा
बेदिया; हो जाऊँगा, तु; मुझे खार कर दे
मै गवाह; हो जाऊँगा, तेरी नज़र सकलात का
खो गया हूँ; ईस गली, तु; मुझे पार कर दे
धार धार होने का मन करता बार बार
सिर उतार मेरा अब, तु मुझे सार कर दे

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