जीवन एक दीपक है

जीवन एक दीपक है
जीवन जलती चले जाते है
थमनेका कोई नाम नहीं है
रोशन करती चले जाते है
अंधेरोमें राहत मिलते है
ठंडी में और सकून मिलते है
जलना दीपकका रीत है
कोई मोम की तरह जलता है
कोई दिया के तरह जलता है
कोई बिजली की तरह चमकता है
कोई लावा की तरह जलते बहता है
जीवनका ये अपने ही जीने की ढंग है
जीवन को हम कैसे जीना चाहते है
जीते सब है, जलता सब है
किसीको जलते जलते भी दुःख होता है
किसीको बुझते बुझते भी सकून होता है
रोशन करनेको भी अपने अपने इरादे होता है
सब के लिए, सब कुछ लुटाकर जलना तो निराले है
जीवनको धन्य करना जीवनका अपना मकशद होते है

राम शरण महर्जन
०२/०१/२०१५

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