दिल में कसक (गजल)


दिल में कसक आँखों में अश्क है
है ज़िन्दगी में दर्द हरा भरा सघन

था जिनके वर्षो से दीवाना मै
वो देख मुझे बनती है अन्जान

वो देती रही हर रोज धोखे पे धोखा
जिनको समझते आये थे अपनी जान

वो चांदनी कभी न हुई मेरा
जिनके लिए सजाया दिल का आसमान

सुना-सुना है दिल का उपवन
वो तितली रानी से जबसे हुई अनबन

छाया हुआ है गर्दिश के बादल
आ ठहरा है ज़िन्दगी में तूफान

दिल में कसक आँखों में अश्क है
क्या करे उनके बैगर जाता नहीं जान

@@ दुष्यंत पटेल @@

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