“””हमसफ़र”””

मंज़ील तक दोगे साथ मेरा जैसे कोई राह हो॥
दिल की गहराई में डुब जाओ गर मेरी चाह हो॥
छोड़ दो हाँथ मेरा बाद मे बड़ी ही मुश्कील होगी॥
अगर इस बेदर्द दूनीयाँ की तुम्हे थोड़ी भी परवाह हो॥
“””””विकास”””””

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