सस्‍वर पाठ आंसुओं का

कैसी हैं आप
फोन पर
पूछता है कोई

क्‍या …
हकलाती हूं मैं …
ठीक हूं

ठीक तो हूं…

आप ठीक हैं ना …

मैं कुछ कहता
कि …
शिराओं का रक्‍त
उलीचने लगा
नमक और जल

आंसुओं की बाढ ने
हुमककर कहा
हां … हां…
ठीक हूं बिल्‍कुल…

उसने कहा …

कुछ सुनाई नहीं दे रहा
साफ

ओह … हां …
आंसू तो आंखों की भाषा है
आंखवालों के लिए है
कानों के लिए तो
सस्‍वर पाठ करना होगा
आंसुओं का ….

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