ए वतन ए वतन !

ए वतन ए वतन !
शत-शत बार है तुझ को नमन,
छोटी सी कली हम,
तू है मेरा चमन.
तेरे उर मैं कितने सितारे,
तू है प्यारा गगन.
अनेकता में एकता की मिसाल है,
सवा अरब की भारत, तेरा ह्रदय विशाल है.
दोस्तों को ही नहीं दुश्मनो को भी अपनाया है,
सदभावना-इंसानियत का पाठ पूरे विश्व को पढ़ाया है.
विशालता से तेरी शैतान भी थर्राता है,
कोमलता पे तेरे फरिश्तों को प्यार आता है.
बुरी नज़र वाले तेरा मुँह काला हो,
अमर रहे आज़ादी, यही हम सब का नारा हो.

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  1. Sukhmangal Singh Sukhmangal Singh 27/01/2015

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