देश प्रेम की साँसों को कभी न थमने दो

अंतिम साँसों को अंतिम ना बनने दो
याद शहीदों की जिगर से कभी न मिटने दो।

जिन-जिनने रोशन किया वतन त्याग से
यादों के उन दीपक की लौ को न बुझने दो।

सीना ताने जो दुश्मन से लड़ते थे
गाथा उन वीरों की बच्चो को पढ़ने दो।

उन वीर सिपाही की माँओं से कह दो
‘तेरे आँचल में अब हम सबको पलने दो।

लाल तुम्हारे हम हैं, हमको हिम्मत दो
तेरी ममता का रस हर रग-रग में बहने दो।‘

सरहद पर पदचिन्ह सदा रहें दमकते
राह शहीदों की हर पग-पग को दिखने दो।

अंतिम साँसों को अंतिम ना बनने दो
देश प्रेम की साँसों को कभी न थमने दो।

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  1. शिव प्रकाश मीणा शिव प्रकाश मीणा 26/01/2015

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