“माँ का यश अम्बर”

माघ शुक्ल ४-5 संवत २०७१,शनिवार जनवरी २४/०१/२०१५(बसंत पंचमी की शुभकामनाएं)

हमें आप यात्रा कराते रहें !
प्रभु का हम गुण गाते रहें !!
जहां में पता आऊँ न आऊं!
हृदय की गीत गाते रहें ||
रौनक मका की मैं रहूँ !
पन मैं देश भक्त सा गहूँ !!
शान्ति ध्वनि ले मैं रहूँ !
युगों-युगों तक बना रहूँ ||
चादर ममता की लिए रहें !
आँगन ममता से भरा रहे !
माँ का यश अम्बर में रहे !!
माँ का सहारा बना रहूँ ||

One Response

  1. Sukhmangal Singh sukhmangal singh 28/10/2015

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