आनन

—- आनन——

आहत सा मन मेरा
नय़नों से ताक रहा ।
उम्मीदो की किरणों सा
दिल मेरा झॉंक रहा ।।

तरंगित सा मनांचल
सुषुप्तमय अभिलाषा ।
शुष्कता लबों पर
किलोल करती पिपासा ।।

झलक रहा आनन
स्मृति कायल सी ।
लहराती अलकों में
झिलमिल नजरें घायल सी ।।

(अश्विनी…)

Leave a Reply