प्रतीक्षा में

आंसुओं से मेरे
कब-तक
धोते रहोगे
चेहरा
मेरी आंखों की चमक में
नहाओ कभी

देखो
प्रतीक्षा में वे
कैसी
भास्वर हो उठी हैं …

Leave a Reply