चले सपनो की दुनियाँ

चले सपनो की दुनियाँ,
वहाँ रहती है परिया.
फूलो की तितली रानी,
वहाँ करती है मस्तियाँ.

मधु – माह मधु मौसम,
रंग-बिरंग हर दिशा.
चले सपनो की दुनियाँ,
अपूर्व है वहाँ निशा.

कलरव करती वहाँ पक्षियां,
गीत गाती है नदियाँ.
चले सपनो की दुनियाँ,
है चाँद सूरज नया.

कान्हा की मधुबन वहाँ,
है कृष्ण दीवानी गोपियाँ
खुलती है स्वर्ग की द्धार,
सुना है मैंने वहाँ .

है चंचल वहाँ ऊषा,
महकती फूलो की वादियाँ.
मधु की होती है वर्षा,
है ऐसा वो जहाँ.

@@ दुष्यंत पटेल @@

Leave a Reply