नारी

नारी का सम्मान करो
अपना सम्मान बढाने को
नारी को बढाओं आगे
देश नही देशो को आगे बढाने को।
तैयार खङी है नारी गाँवों से शहर आने को
सुख की है छईंया क्या ये बात भी है समझाने को
नारी का सम्मान करो………………..

वैष्णों है दुर्गा है ये
देना ही इसकी इबादत है
मजबूर मत करो इसे तुम
काली बन जाने को
फिर जगह नही मिलेगी तुम्हें
इस दुनिया में अपनी शक्ल छुपाने को।
नारी का सम्मान करो………………..

घोर तपस्या है ये किसकी जो
भगवान ने यह अमृत सब जगह बिखेरा है
इस अमृत को गंदा कर
सिर्फ पानी न तुम बन जाने दो
कोई जगह खाली न छोङो
इस अमृत को हर जगह बिखर जाने दो।
नारी का सम्मान करो………………..

देश-विदेश की है नारी
मानवता पर खरी है नारी
समुद्र मंथन से बनी है नारी
समुद्र की वेदना इसमें है सारी
इस समुद्र को सुनामी न तुम बन जाने दो
नारी का सम्मान करो अपना सम्मान बढाने को

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