पत्थर या भगवान?

आत्मविश्वास से सराबोर एक उत्साही युवक,
मंदिर के समीप पुजारी पर चिल्लाया,
क्यों पूज रहे हो पत्थर को, कहाँ हैं भगवान,
पुजारी ने मुख्यद्वार की तरफ दिखाया,
द्वार पर पहूचकर युवक झल्लाया,
यहा तो मूर्ति हैं भगवान कहा हैं,
संशय में पुजारी ने भी द्वार की ओर देखा,
फिर घंभीरता से उत्तर दिया,
भगवान तो अंदर ही हैं,बस इतना,
बताओ मुझे मूर्ति कहाँ है.

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