तू जो मिल जाए

तू जो मिल जाए
य़कीं न हो, हकीकत है
या झोंके हैं अफसानों के ।

तू जो मिल जाए
धडकने तेज हों
उडने लगॅू मैं आसमानों में ।

तू जो मिल जाए
होश ना हो मुझे
बेखुद हो जाऊॅ मैं ऐसा तुझमे ।

तू जो मिल जाए
जीने लगॅू मैं तेरे लिए
ख्वाहिशें सारे पूरी हो जाए ।

तू जो मिल जाए
तो खुदा की भी जरूरत नहीं
मिल जाए जो तू मुझे ।

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