जिंदादिली

दुखी क्यों बेवजह बन्दे,
तेरे हिस्से का तुझे मिला !
दुसरो से न कर उपमा
जो तेरा था तुझे मिला !!
जो नही मिला
फिर उसका क्या गिला !
रख खुद पे इतना काबू की ..
तेरी राह को मंजिल नेक मिले !!
बस याद इतना रखना !
जिंदादिली तेरी कम न हो
क्योंकि ………….!!
मोती कभी कीचड में नही मिला
और कमल पत्थरो में नहीं खिला !!

डी. के. निवातियाँ______@@@

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