शिर दर्द

जन्म ही गुनाह हो गया
शिर दर्द का बड़ा बोझ
माँ-बाप होने का गर्व
पत्ता नहीं कौन चिड़िया है
परवरिश और आज का पुस्ता
वेवस होते माँ-बाप आज
जीवन लुटाते जो अशक्त हो गया
हिसाब मांगते संतान जीवनका

जीवन लुटाते माँ-बाप संतान के लिये
जीवन लूटते संतान आज धक्के मारते
पितृ ऋण चुकाते माँ-बाप परवारिशमें
हिसाब मांगते संतान गर्व करते आपमें|

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