पंखुड़ियाँ सदैव खुला रखता है

“ आकाश अपने हृदय पुष्प की
पंखुड़ियाँ सदैव खुला रखता है
यह आपके उपर है
कहाँ तक उसमें
देख लेते हैं ”

– नीरज सारंग

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