बदले दिन और रात

कबतक देखना युं ही बदले दिन और रात है
अब तो हरेक सवाल के जवाबो की बात है
ये है सफर कौन सा जीन का सीरा नही कोई
समझ नही आती मुझे प्यास जीवन है या मौत है

कब्र मे जी रहे उन मरनेवालों के जज्बात है
हवाओं के संग सैर है या सैर का आगाज है
किस माँ की खाली कोख मे लेता तु जनम
ये आस भी मिलन है या जुदाई की सौगात ह

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