बेटियों का कहना

जो पिलाओ मै चुपचाप पिती
जहाँ चाहो मै वही‌ चूपचाप जीति
अपनी भाग्यको मै क्युँ सहलाती
हो सके तो तुम्हारी पगमे फूल बिछाती ।

विना सुवेदीका यह कथन मुझे बहुत भाया है ।

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