नव वर्ष सभी का मंगल हो

इस वर्ष की अब हो रही बिदाई
घर आँगन की बगिया महक उठे
घर घर में प्रेम भाव का फूल खिले
जीवन में खुशियां पल-पल हो
नव वर्ष सभी का मंगल हो
इस वर्ष का सूरज ढलते ही
हर दुःख का बदल झट से हट्टे
हो सदाचार सद्भाव का आलम
जीवन में खुशियां हर-पल हो
नव वर्ष सभी का मंगल हो
भ्रष्टाचार मुक्त बने देश हमारा
नारी संग अत्याचार रुके
जो दुस्सासन हैं घूम रहे
प्रभु उनको भी सुविचार दे
हर धर्म के मानस जियें मिल-जुल कर
ना आपस में दंगल हो
नव वर्ष सभी का मंगल हो
आने वाला वर्ष नया है
जीवन में नया पन् आने दो
दहेज़ प्रथा का पेड़ पौराणिक
घुन भरी ये दिखती है
नजर उठा के देख जरा
ये घर घर में ही दिखती है
आओ नव वर्ष में प्रण लें हम – सब
नाश इस कुरीति का जंगल हो
नव वर्ष सभी का मंगल हो
अभय कुमार आनंद

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