प्रेम उस पक्षी की तरह है

” प्रेम उस पक्षी की तरह है
जो सोने के पिंजरे में होते हुए
खुले आकाश की ओर ही देखता है
और सम्पूर्ण सौन्दर्य संसार भ्रमण
करने के पश्चात भी संध्या में
घासों की कड़ियों से निर्मित
अपने घोंसले की ओर ही
उड़ता चला जाता है ”

– नीरज सारंग

One Response

  1. priyanshu shekhar 30/12/2014

Leave a Reply