जिन्दगी को आजमाओ-गजल-शिवचरण दास

जिन्दगी को आजमाओ तो मजा आ जायेगा
जो किसी का घर सजाओ तो मजा आ जायेगा.

अपने गम पर रात दिन रोना बहुत बेकार है
दर्द दुनिया का उठाओ तो मजा आ जायेगा.

रास्ते पर तीरगी से ठोकरें खाते हैं लोग
एक दिया कोई जलाओ तो मजा आ जायेगा.

सिर्फ अपनी आदतों के आदमी सब हैं गुलाम
दूसरों को तुम बचाओ तो मजा आ जायेगा .

जुर्म इतने हो रहें हैं बेबसों के साथ में
न्याय गर इनको दिलाओ तो मजा आ जायेगा.

दास अपनी दुनिया मे है हर कोई खोया हुआ
स्वार्थ को तुम भूल जाओ तो मजा आ जायेगा.

शिवचरण दास

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