कभी आँखों से…

कभी आँखों से,
दिल की हालत बयां करते हैं,
कभी निगाहों में,
राज छुपाते हैं,
कभी ख़ामोशी से,
हर बात कहते हैं,
कभी खामोश रहकर,
दर्द बढ़ाते हैं,
क्या कहू, आँखों के,
इन नजारों को,
जो पलकों के साए से,
अनजाने इशारे दे जाते हैं!!
-श्रेया आनंद

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