यु मेरे हमसफ़र बन जाओ!!

तमन्ना यही है, दिल में तुम, तनवीर सा रम जाओ! (tanveer- light)
पलकों के चिलमन उठे जब, तुम ही तुम नजर आओ!
ज़िन्दगी की मुश्किलतो में तप कर, तक़द्दुस हो जाये मोहब्बत मेरी, (taqaddus- pure)
फिर कभी समां-ए-तन्हाई न हो, यु मेरे हमसफ़र बन जाओ!!
-श्रेया आनंद
(18th dec, 2014)

Leave a Reply