कभी तो…

कभी तो ताकीद देते, इन आँखों में झलकती, मोहब्बत को, (taakeed- emphasis)
कभी तो तावील करते, अपने अनकहे अल्फाज़ो को, (taweel- explain)
कुछ ज्यादा तो नहीं माँगा था तुमसे, जाने-अनजाने में,
कभी तो कामिल कर देते, एक नजर देख, अपने तालिब को! (kamil- complete, talib- lover)
-श्रेया आनंद

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