दिल में तेरा, प्यार अब भी है !!

जिन रास्तों की मंज़िल हो तुम,
उन रास्तों पर चलने की, चाहत अब भी है!

जिन ख़्वाबों के हमनशीं हो तुम,
उनसे जुडी पलकें मेरी, झुकी अब भी हैं!

जिन लबों की दिलकश आरज़ू हो तुम,
उन लबों को अंजाम पर, ऐतबार अब भी है!

जिस दिल के टुट्ने की वजह हो तुम,
उस दिल में तेरा, प्यार अब भी है !!
-श्रेया आनंद
(1st Sept, 2014)

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