किसी की हर अदा से, इश्क हमें होने लगे !!

कभी जब दिल की ख़ामोशी कुछ कह न सके,
कभी जब आँखों के नजराने, किस्से सुना न सके,
खोया-खोया सा हर लम्हा जब रहने लगे,
अनकहे लफ्जों में धड़कन जब कुछ कहने लगे,
रंगीं फिज़ाएं, हसी शाम, यादों में रात गुजरने लगे,
बंद पलकों पे, हौले से कोई जब दस्तक देने लगे,
क्या करूँ, ए दिल मेरे, तू ही बता दे,
जब किसी की हर अदा से, इश्क हमें होने लगे !!
-श्रेया आनंद
(20th Oct, 2013)

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