हमारी मुलाक़ात!

एक दिन हमारी हसी मुलाक़ात हुई,
कुछ यूँ हुई की,
मोहब्बत की बरसात हुई !

दिल ने धड़कन का,
साज लेकर,
शहनाई बजाया !

ख्वाबो का आँचल लेकर,
दिल के दरवाज़े पर,
यादों की बारात आई !
पलकों को भिगोते हुए,
सावन की तरह झूमते हुए,
खुशियों की सौगात आई !!
-श्रेया आनंद
(5th March 2009)

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