मुठभेड़ (शेर)

सरे राह चलते यकायक जो उनसे भेट हुई
नयनो के चले बाण,दिल की धड़कन तेज़ हुई
कर के गुस्ताखी वो चल दिए नजरे चुराकर
ऐसे लगा जैसे भेंट नहीं, कोई मुठभेड़ हुई

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